श्रेणी: साहित्य जगत

साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : संदीप प्रसाद – झूठ ने उसे दिखा-दिखा कर बजाया, लालच का झुनझुना …

My Mirror
आज के कवि ———–—— संदीप प्रसाद हमारे समय के त्रासदी और विसंगतियों को रेखांकित करने वाले कवि हैं। वह छोटा सा फूल जिससे मिलकर प्रफुल्लित...
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : ख़ालिद खान – सभ्यता की पहली ईंट उन्होंने ही रखी थी …

My Mirror
आज के कवि ‐————— इस कठिन दौर में खालिद उम्मीद के कवि हैं। खालिद संवेदनशीलता से अपनी बात रखते हैं। कहीं-कहीं आपको निराशा का भाव...
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : चन्द्र मोहन- एक श्रमिक को क्यों देखना चाहते हो ऐसे…

My Mirror
आज के कवि ————— चन्द्र मोहन की कविताओं में देसी मिट्टी की सौंधी महक और जीवन का संघर्ष है। चन्द्र मोहन असम के एक खेत...
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : इलिका प्रिय – जीवन हथियार से नहीं चलता …

My Mirror
आज के कवि __________ इलिका की कविताओं में जोश है आक्रोश है. यही उनके कवि को बचाए भी रखते हैं. इलिका की कविताएँ पढ़ते हुए...
साहित्य जगत

मैं बांदा में रचता हूँ नेपाल (हिन्दी जगत का नेपाली साहित्य से परिचय की एक श्रृंखला)

My Mirror
मैं बाँदा में रचता हूँ नेपाल “मैं बाँदा में रचता हूँ नेपाल”नामक श्रृंखला को mymirror.in के पोर्टल पर लाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी जगत को...
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : विक्रम – … ना लिख पाने से पहले मैं लिख रहा हूँ…

My Mirror
आज के कवि ———– कवि विक्रम इन्कलाब लिखता है विक्रम बहुत आम भाषा में लिखता है. विक्रम क्या लिखता है? यह एक सवाल हो सकता...
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : रेखा चमोली – संविधान! कितना शानदार शब्द हो तुम

My Mirror
आज के कवि ————— रेखा चमोली की कविताओं में शिद्दत से महसूस कर सकते हैं स्त्री का दर्द, मजदूर की पीड़ा और पहाड़ का दुःख....
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : अंजनी कुमार- मुक्तिबोध अक्सर वहां होते थे, जहां द्वंद होता था

My Mirror
‘आज के कवि’ —————– एक कवि में राजनीतिक और सामाजिक चेतना का होना अनिवार्य है| तभी वह कवि अपने समाज और परिवेश का आकलन कर...
साहित्य जगत

‘आज के कवि’ श्रृंखला : अस्मुरारी नंदन मिश्र – मैं चाहता हूं कि राजा करे खेती

My Mirror
‘आज के कवि’ ———— अस्मुरारी नंदन मिश्र आत्मप्रचार से दूर रहने वाले कवि हैं. यह कवि पुरुषवादी समाज की हरक़तों पर पैनी नज़र रखता है...
साहित्य जगत

मैं चाहता हूं कि राजा करे खेती

My Mirror
अस्मुरारी नंदन मिश्र आत्मप्रचार से दूर रहने वाले कवि हैं. यह कवि पुरुषवादी समाज की हरक़तों पर पैनी नज़र रखता है और बताते हैं कि...