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राज्य सरकार की धरना-प्रदर्शन स्थल के पुनर्निधारण की योजना पर राजनीतिक पार्टियों की प्रतिक्रिया

रांची, झारखण्ड, 21फरवरी 2021। रांची के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार की धरना-प्रदर्शन स्थल के पुनर्निधारण की योजना पर प्रतिक्रया देते हुए एक बैठक की  “धरना प्रदर्शन स्थल के चयन से पहले जिला प्रशासन आम सहमति बनाए अभी यथास्थिति कायम रखे” की मांग रखी।

राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने राजधानी रांची में अभिव्यक्ति के अधिकार के अंतर्गत धरना-प्रदर्शन के लिए जिला प्रशासन द्वारा नयी जगह तलाशने की कार्रवाई पर आश्चर्य व्यक्त किया है। संवाद माध्यमों और जिला प्रशासन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस काम के लिए उपायुक्त रांची ने एक 4 सदस्यीय टीम का गठन किया है जिसमें रांची जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी शामिल हैं जिन्हें धरना – प्रदर्शन स्थल का चयन कर उपायुक्त को सुझाव देना है।

जिला प्रशासन की यह तत्परता पिछली सरकार के समय लिए गए एक निर्णय पर आधारित है जिसमें कथित ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित किए जाने के लिए केवल धरना-प्रदर्शन को आबादी के स्थल से दुर आयोजित किए जाने का निर्देश दिया गया था।

राजनीतिक दलों में cpm के नेता प्रकाश विप्लव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यह तर्क हास्यास्पद है कि केवल धरना-प्रदर्शन से ही ट्रैफिक जाम होता है। जबकि हकीकत यह है कि धरना-प्रदर्शन रोज नहीं होता है लेकिन राजधानी मे ट्रैफिक जाम रोज होता है। रांची शहर की ट्रैफिक संरचना मे ही जटिलता है”।

CPI के नेता अजय सिंह ने कहा कि “रांची जो झारखंड बनने से पहले एक जिला मुख्यालय का छोटा सा शहर था और आज से बीस साल पहले की तुलना में अब यहां चार पहिया और दो पहिया वाहनों की संख्या में बेतहाशा बाद हुई है और शहर में सुगम ट्रैफिक के लिए केवल अधुरे रिंग रोड को छोड़कर फ्लाई ओवर व संपर्क सड़क का काम राजधानी में तेजी और व्यस्त होते जा रहे ट्रैफिक के अनुरूप हुआ ही नहीं है। इसलिए राजधानी में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास विभाग को पहल लेकर ट्रैफिक विशेषज्ञों, नगर निगम, रांची की सिविल सोसाइटी और राजनीतिक पार्टियों से बात कर समस्या के स्थायी समाधान का उपाय करना चाहिए साथ राजधानी रांची में स्मूथ ट्रैफिक के लिए फ्लाई ओवर का जाल बिछाना चाहिए, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा केवल धरना – प्रदर्शन को ही लक्षित कर कदम उठाए जाने का प्रयास कर रहा है”।

राज्य सरकार द्वारा धरना-प्रदर्शन स्थल के पुनर्निधारण पर   राजनीतिक दलों, रांची के सामाजिक और जनसंगठनों एवं सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक सीपीआई (एम) कार्यालय में की। जिसमें एआईकेएस के सुफल महतो, विरेंद्र कुमार, सीपीआई के अजय सिंह, मासस के सुशांतो मुखर्जी, सामाजिक कार्यकर्ता नदीम खान, राजद के राजेश यादव और सीटू के प्रकाश विप्लव और एस.के. साहु शामिल थे।
जो जल्द ही एक संयुक्त शिष्टमंडल के साथ उपायुक्त रांची से मुलाकात करेंगे।

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