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असम में CAA का विरोध : गीतालि सैकिया

— गीतालि सैकिया

राहुल गांधी यहां भी आये थे… असम, शिबसागर में।

तो क्या करूँ….. !  कह रहे थे कि CAA नहीं लागू होने देंगे। उन्हें लगा कि असम में CAA का विरोध हुआ था तो यही सुर गाने से काम चल जायेगा। असम में CAA का विरोध हुआ था। उसका कारण ये नहीं है कि लोग यहां CAA नहीं चाहते!

राहुल गांधी जी, असम में जो लोगों की डिमांड है वो ये है – ” हम NRC से संतुष्ट नहीं हैं। NRC फिर से कराओ..फिर लगाओ CAA”।और यह मांग कांग्रेस के सिद्धान्तों के और भी ज्यादा विपरीत है।

असम के लोग घुसपैठ समस्या का जिमेदार कांग्रेस को ही मानते हैं। इसलिए कांग्रेस अपना फ्यूचर देखने की तो उम्मीद न करे। AGP का बेस नहीं है। असल मे यहां कोई BJP को हटाना नहीं चाहता सिवाय कांग्रेस के समर्थकों और वामी लोगों के। CAA न लगाने की मांग सिर्फ BJP से अनुरोध है। यह पारिवारिक मामला जैसा समझो। भाजपा पहले CAA लगाना चाहती है, हम पहले NRC फिर से चाहते हैं। बस इसी में सारी बात फंसी है।

इसमें कांग्रेस के लिए जगह ही नहीं है। हमें सॉल्यूशन चाहिए समस्या नहीं! कुछ लोग मुझसे कहते हैं कि राहुल गांधी ने असमिया गमसा पहना, उस पर CAA क्रॉस्ड छपा था। इससे क्या फर्क पड़ेगा ? उत्तर है – शून्यो.. जीरो!

राहुल जी को तो खुद कांग्रेसी लोड नहीं लेते, तो हम क्यों ध्यान दें ! वे क्या बोल गए ! बाकि, असमिया ट्रेडिशनल पहन लेने से वोट मिलता, तो आज योगेंद्र यादव प्रधानमंत्री होते भारतबर्ष के !

असम के CAA विरोध प्रदर्शनों में मैं भी खुद शामिल रही हूँ। हमने एक महीने से ज्यादा समय तक लगातार प्रोटेस्ट किया है…लेकिन डिमांड BJP से ही है..अपने PM से ही। राहुल गांधी से नहीं, कांग्रेस लाने के लिये नहीं।

राहुल गांधी अगर ये भी कहें कि “कांग्रेस सरकार में आने पर फिर से NRC कराएंगे तो लोग हंसकर टाल जाएंगे..” क्यों कि कांग्रेस CAA को रोकने की बात तो कह सकती है पर NRC दुबारा कराने की बात नहीं कहेगी।

यहीं पर सारा पेंच है…इसीलिए BJP सेफ है। क्लियर !

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