विचार कॉलम

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के हवाले से : अभिनव ग़ोएल

Abhinav Goel
भाजपा सरकार ने यह तीन कृषि कानून बनाते समय भले ही किसानों से बात नहीं की हो। लेकिन ये एक दिन में नहीं आए. प्रोफेसर प्रीतम, किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के हवाले से बताते हैं  कि अक्टूबर 2017 में सरकार ने करीब 100 लोगों की मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में देश के बड़े एग्रो कंपनियों के सीईओ,  देश के टॉप ब्यूरोक्रेट्स और तीन किसान नेता भी शामिल थे। जिसमें से एक बलबीर सिंह राजेवाल भी थे।
इस मीटिंग में कहा गया कि छोटे जोत के किसानों के साथ कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग संभव नहीं है। पांच पाच हजार एकड के प्लॉट बनाए जाएं और कैसे प्राइवेट प्लेयर को किसानों की खेती सुपुर्द की जाए. यह सुनने के बाद देश के बड़े किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल भड़क उठे औऱ कहा कि “हम ऐसा होने नहीं देंगे”। एक बात और … उन्होंने कहा कि “मैं देश के बारे तो नहीं कह सकता लेकिन हरियाणा पंजाब में अपराइजिंग हो जाएगी। सड़कों पर खून बहने लगेगा । ऐसा कुछ होगा जो पहले नहीं देखा गया। हम सरकार को ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे”।
तीन साल बाद वही स्थिति है जैसी बलबीर सिंह राजेवाल ने 2017 में सरकार को चेतावनी दी थी।

Related posts

जातिवादी संगठनों पर मेरी समझ : सुभाष चन्द्र कुशवाहा

My Mirror

आज का नागरिक प्रशासन और भारत का नागरिक स्वाधीनता का संघर्ष :

My Mirror

नेपाल संसद भंग, ओली आख्यान कैश माओवाद की स्वाभाविक परिणति है : डॉ. पवन पटेल

My Mirror

Leave a Comment