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असमिया “श्रीमती-श्रीमान” संबोधन: गीतालि सैकिया

असमिया संबोधन

– गीतालि सैकिया

“श्रीमती “जहाँ बाकि भारत में लड़कियों के नाम में शादी के बाद लगाते हैं।…जब कि असम में शादी के पहले “श्रीमती (मिस) लगाते हैं और शादी के बाद “श्रीयुक्ता”(मिसेज)।

लड़को के नाम के आगे पहले “श्रीमान” और बाद में “श्रीयुत” लगाते हैं। छोटे भाई को “भाइती” और छोटे बहनों को “भोंती”।

बड़े भाई को “दादा” या “कोकाईदेउ”, बड़ी बहन को “बाईदेउ”। देउ शब्द सम्मान के लिए जोड़ा जाता है। “बा” नॉर्मली दीदी को “बा” बोलते हैं। जैसे मेरे छोटे भाई/बहन मुझे “गीताली बा” बोलेंगे लेकिन जब बहुत रेस्पेक्ट या नाम नही लेना है तो “बाइदेउ” बोलेंगे।

माँ को “माँ” और पापा को “देउता” बोलते हैं। बुआ अगर पापा से छोटी तो “पेही” और फूफा को पेहा”। जैसे मैं पुचकू की पेही हूँ। रेस्पेक्ट केलिए देउ लगा सकते हैं।

बड़े पापा को “बोर देउता” और बड़ी मम्मी को “बोर माँ”, बोर मतलब बड़ा। चाचा को “खुरा” और चची को “खुरी”।

बड़े भाई की वाइफ को “बोउ” और छोटे भाई की वाइफ “बुवारी”. मामा अगर माँ से छोटा है तो “मामा” कहेंगे। उनकी वाइफ को मामी बोलेंगे। मामा अगर माँ से बड़ा है तो “निशादेउ” और मामी को “एपादेउ” बोलेंगे।

दोस्त को बोंधू (पुरुष) बानधवी (फीमेल)।

इतना जरूर जानिये! बाकी फिर कभी। खुश रहिए…मस्त रहिए.. अगर हो सके तो अपने यहाँ के लोकल संबोधनों को लिखिए…कोई सीखे न सीखे कम से कम मै तो जरूर सीखूँगी।

#असमिया संबोधन !

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