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गूगल में कर्मचारियों ने बनाई Alphabet Workers Union

नई दिल्ली 5 जनवरी 2021| गूगल GOOGLE के हेड क्वार्टर संयुक्त राज्य अमेरिका में गूगल के कर्मचारियों ने अपने लम्बे प्रयासों के बाद एक कर्मचारी यूनियन ‘अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन’ “Alphabet Workers Union” बनाया| गूगल की पैरेंट कम्पनी ALPHABET में Alphabet Workers Union का निर्माण कुछ सालों की अथक मेहनत का नतीजा है और इस यूनियन ने अपनी कार्यकारिणी और नेताओं का चुनाव पिछले महीने ही किया है| यह यूनियन अमेरिका के कम्युनिकेशन वर्कर्स ऑफ़ अमेरिका (Communications Workers of America, CWA) से अपनी यूनियन की सम्बद्धता ली है जो कि अमेरिका और कनाडा के टेलीकम्यूनिकेशन और मीडिया वर्कर्स की एक प्रतिष्ठित यूनियन है|

गूगल के लगभग 2.6 लाख परमानेंट एम्प्लोई हैं| इसमें से 225 इंजिनियर और वर्कर्स ने मिलकर यूनियन का निर्माण किया| यह अभी तक माइनॉरिटी है इसलिए गूगल प्रबंधन के साथ नेगोसियेट नहीं कर सकता जबतक कि यह परमानेंट कर्मचारियों के बहुमत हासिल नहीं कर ले, जो कि 1,60,000 कर्मचारियों का समर्थन की जरुरत होगी|

अल्फाबेट यूनियन के निर्माण पर CWA के नेता और यूनियन में सचिव और कोषाध्यक्ष सारा स्टेफेंस Sara Steffens ने कहा कि “यह उनके सामने है जिन्हें यह भरोसा हो चला था कि गूगल में वर्कर्स को संगठित करना और यूनियन बनाना असंभव है”|
(“There are those who would want you to believe that organizing in the tech industry is completely impossible,” Sara Steffens, C.W.A.’s secretary-treasurer, said of the new Google union. “If you don’t have unions in the tech industry, what does that mean for our country?

गूगल कर्मचारियों का वाकआउट
गूगल कर्मचारियों का वाकआउट

गूगल सॉफ्टवेयर इंजिनियर दिलान बेकर Dylan Baker ने कहा कि “यह ऐतिहासिक है| यह सबसे प्रमुख टेक कम्पनी की पहली वर्कर्स यूनियन है, जिसे सभी कर्मचारियों ने मिलकर अपने लिए बनाया है”
(“This is historic,” said Dylan Baker, a Google software engineer, in a release. “The first union at a major tech company by and for all tech workers. We will elect representatives, we will make decisions democratically, we will pay dues, and we will hire skilled organizers to ensure all workers at Google know they can work with us if they actually want to see their company reflect their values.”)

हास्टिंग कॉलेज ऑफ़ लॉ, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की लॉ प्रोफेसर वीणा दुबल कहती हैं कि “यह एक शक्तिशाली प्रयोग है”|
(Veena Dubal, a law professor at the University of California, Hastings College of the Law, said the Google union was a “powerful experiment” because it brought unionization into a major tech company and skirted barriers that had prevented such organizing.)

बीते वर्ष 2018 में यौन उत्पीडन के मुद्दे पर 20,000 गूगल कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार वाकआउट किया था|

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