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जुर्माना और 5 साल की होगी जेल अगर पीने का पानी किया बर्बाद

नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर 2020। सेंट्रल ग्राउंड वाटर ऑथोरिटी (CGWA) ने पीने के पानी की बर्बादी को बंद करने बाबत एक अधिसूचना जारी की है।

अब अगर भूजल संसाधनों का दोहन कर निकले गये पीने के पानी की बर्बादी करना दंडनीय अपराध होगा। इस अधिसूचना का प्रभाव पूरे देश में प्रभावी होगा। इसके तहत देश में कहीं भी अब कोई भी व्यक्ति अगर पीने योग्य पानी की बर्बादी या दुरुपयोग करता पाया गया तो उसे 5 वर्ष की जेल हो सकती है। या, एक लाख रूपए का जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।

जल आपूर्ति में लगे सभी निगम निकायों चाहे वह जल बोर्ड हो, पंचायत या अन्य कोई भी निकाय, वे यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य होंगे कि कहीं पर भी पीने के पानी की बर्बादी न हो, इसके लिए उन्हें एक सिस्टम तैयार करना है।

यह आदेश ‘फ्रेंड्स’ नामक एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया है।

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