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9 अगस्त का केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का आह्वान जेल भरो देश बचाओ

नई दिल्ली, 8 अगस्त 2020। देश की केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने देशभर में मजदूर विरोधी नीतियों और निजीकरण के खिलाफ ‘देश बचाओ’ ‘जेल भरो’ आन्दोलन का आह्वान किया है।

1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन और बिस्मिल-अशफाक सरीखे क्रांतिकारियों द्वारा अंजाम दिए गए 1925 के काकोरी ट्रेन लूट के दिन, यानि 9 अगस्त को देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेड यूनियनें ‘देश बचाओ जेल भरो’ आन्दोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगी। ज्ञात हो कि इसी अभियान के अंतर्गत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सभी ट्रेड यूनियनें, आशा कर्मियों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों और मजदूर संगठनों ने 7 और 8 अगस्त को प्रदर्शन व प्रचार प्रसार किया।

केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त प्लेटफार्म ने देशभर में स्कीम वर्कर्स की हड़ताल का फैसला लिया था। जिसके तहत 7 और 8 को देशभर में स्कीम वर्कर्स की हड़ताल और 9 अगस्त को ‘जेल भरो’ आन्दोलन का आह्वान किया गया।

दिल्ली में 7 और 8 अगस्त के इस कार्यक्रम के तहत ऐक्टू से सम्बद्ध दिल्ली आशा कामगार यूनियन ने विभिन्न डिस्पेंसरियों पर विरोध-प्रदर्शन किया। आशा कर्मियों ने बताया कि न उनको कोई पीपीई किट दिया जा रहा है, न ही उनके केंद्र या राज्य सरकार उनके सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेना चाहते हैं। स्कीम वर्कर्स को न तो कर्मचारी का दर्जा दिया जाता है और न ही वेतन, उन्हें काम के बदले में मानदेय या पारितोषिक का ही भुगतान किया जाता है। दिल्ली में कोविद-19 की ड्यूटी के बदले, आशाओं को सिर्फ 1000 रुपयें दिये गए गए हैं जोकि बहुत कम है। हम कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान पर खेलकर आम जनता की सेवा कर रहे हैं। किन्तु मोदी से लेकर केजरीवाल तक हमारे काम का उचित दाम और सम्मान देने को तैयार नहीं है। ICDS व अन्य सरकारी योजनाओं का निजीकरण कर सरकार पहले से ही लचर जन-स्वास्थ्य व्यवस्था को और खराब कर देना चाहती है।

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ स्कीम वर्कर्स ट्रेड यूनियनों ने 9 अगस्त को देश भर के मजदूरों का आह्वान किया है।

केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का आशा कामगारों व आंगनवाड़ी कर्मचारियों के लिए सरकार के समक्ष ‘सरकार निजीकरण की नीति पर रोक लगाने व श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव वापस लेने, सभी स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और पूरे वेतन की गारंटी करने, सभी स्कीम वर्कर्स को तुरन्त पीपीई किट मुहैय्या करवाने, कोरोना रोक-थाम कार्य में संलग्न सभी स्कीम वर्करों के लिए 50 लाख के मुफ्त जीवन बीमा और 10 लाख के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा करने तथा सभी स्कीम वर्कर्स की कार्यस्थल पर सुरक्षा की गारंटी करने की मांग रखी है।
(एक्कटू तथा ICTU से प्राप्त प्रेस रिलीज व सूचना पर आधारित)

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